रन रेट बनाम नेट रन रेट: सही गणना
क्रिकेट में रन रेट कुल रन को खेले गए ओवरों से भाग देकर निकाला जाता है, जबकि नेट रन रेट में बनाई और खाई गई रन गति का अंतर देखा जाता है। उदाहरण के लिए, 20 ओवर में 180 रन बनाने वाली टीम का रन रेट 9.00 हो...
रन रेट बनाम नेट रन रेट: सही गणना
क्रिकेट में रन रेट कुल रन को खेले गए ओवरों से भाग देकर निकाला जाता है, जबकि नेट रन रेट में बनाई और खाई गई रन गति का अंतर देखा जाता है। उदाहरण के लिए, 20 ओवर में 180 रन बनाने वाली टीम का रन रेट 9.00 होगा। आईपीएल, टी20 विश्व कप और एकदिवसीय क्रिकेट में यह आंकड़ा बल्लेबाजी की गति, लक्ष्य की कठिनाई और अंक तालिका की स्थिति समझने में मदद करता है। 47 गेंदों को 7.4 ओवर मानना गलत है; 47 गेंद वास्तव में 7 ओवर और 5 गेंद होती हैं, इसलिए गणना 47/6 ओवर से करनी चाहिए। डकवर्थ-लुईस-स्टर्न पद्धति वर्षा से प्रभावित मैचों में संशोधित लक्ष्य तय करती है, लेकिन सामान्य रन रेट सूत्र वही रहता है। सही परिणाम के लिए पहले कुल रन, फिर वैध गेंदों की संख्या लिखें और अंत में रन को वास्तविक ओवरों से भाग दें।

क्रिकेट में सबसे आम गलती यह है कि लोग स्कोरबोर्ड पर लिखे 7.5 ओवर को सीधे 7.5 से भाग दे देते हैं। क्रिकेट की भाषा में 7.5 का मतलब 7.5 दशमलव ओवर नहीं, बल्कि 7 ओवर और 5 गेंद है। महंगे कमरे में गलत हिसाब रखना भी मूर्खता है, और क्रिकेट में भी यही नियम है: पहले गेंदों को छह से भाग देकर वास्तविक ओवर बनाइए, फिर रन रेट निकालिए। IPL समाचार पर मैच समीक्षा, खिलाड़ी आंकड़े और बल्लेबाजी रणनीति पढ़ते समय इसी तरीके से दिए गए आंकड़ों को जांचना सबसे सुरक्षित है।
अधिक उदाहरणों के लिए क्रिकेट स्कोरकार्ड पढ़ने की शुरुआती मार्गदर्शिका देखें।
अधिक स्पष्टता चाहिए तो इस त्वरित संदर्भ को सेव कर लें।
शीर्ष 3 रन रेट गणनाएँ एक नजर में
- रन रेट: कुल बनाए गए रन ÷ खेले गए वास्तविक ओवर। यह पारी की गति बताता है।
- आवश्यक रन रेट: लक्ष्य तक पहुंचने के लिए बचे रन ÷ बचे हुए वास्तविक ओवर। यह पीछा करने वाली टीम का दबाव दिखाता है।
- नेट रन रेट: प्रतियोगिता में बनाए गए रन रेट और दिए गए रन रेट का अंतर। आईपीएल और विश्व कप की अंक तालिका में इसका इस्तेमाल होता है।
इन तीनों को एक ही चीज समझना गलत है। रोहित शर्मा की 80 गेंदों पर 110 रन की पारी से बल्लेबाजी की व्यक्तिगत गति समझी जा सकती है, लेकिन टीम का रन रेट पूरी पारी के कुल रन और ओवरों से तय होगा। इसी तरह, भारत का 9.20 रन रेट किसी एक मैच में प्रभावशाली हो सकता है, पर अंक तालिका में नेट रन रेट कई मैचों के संयुक्त प्रदर्शन पर निर्भर करेगा। क्रिकेट नियमों का आधिकारिक संदर्भ ओवर को छह वैध गेंदों की इकाई मानता है; नो-बॉल और वाइड उस छह गेंदों में शामिल नहीं होते। इसलिए स्कोरकार्ड पढ़ते समय गेंदों और ओवरों को अलग-अलग समझना जरूरी है।
#1 रन रेट: सबसे भरोसेमंद गणना कैसे करें?
रन रेट निकालने का सही सूत्र है: कुल रन ÷ वास्तविक खेले गए ओवर। यदि टीम ने 20 ओवर में 180 रन बनाए, तो रन रेट 180 ÷ 20 = 9.00 रन प्रति ओवर होगा। यदि पारी 47 गेंदों में 62 रन पर है, तो वास्तविक ओवर 7⅚ होंगे और रन रेट 62 ÷ 7.833 = 7.91 के करीब आएगा।
पहला कदम कुल टीम रन लिखना है, जिसमें चौके, छक्के, दौड़े हुए रन और अतिरिक्त रन शामिल होते हैं। दूसरा कदम वैध गेंदों की संख्या गिनना है; वाइड और नो-बॉल पर बने रन कुल स्कोर में जुड़ते हैं, लेकिन वे वैध गेंद नहीं माने जाते। तीसरा कदम गेंदों की संख्या को छह से भाग देना है। चौथा कदम कुल रन को प्राप्त ओवरों से भाग देकर परिणाम को आम तौर पर दो दशमलव तक लिखना है।
मान लीजिए पाकिस्तान ने 50 ओवर में 287 रन बनाए। गणना होगी:
- कुल रन = 287
- कुल ओवर = 50
- रन रेट = 287 ÷ 50
- परिणाम = 5.74 रन प्रति ओवर
अब दूसरा उदाहरण लें। ऑस्ट्रेलिया ने 16 ओवर और 4 गेंदों में 142 रन बनाए। 4 गेंद को 4/6 यानी 0.666 ओवर माना जाएगा, इसलिए वास्तविक ओवर 16.666 होंगे। रन रेट 142 ÷ 16.666 = 8.52 होगा। 142 ÷ 16.4 करना गलत है, क्योंकि 16.4 ओवर क्रिकेट में 16.4 दशमलव ओवर नहीं दर्शाता।
मैच के दौरान तेज निर्णय लेने वाले खिलाड़ी अक्सर प्रति गेंद औसत रन भी देखते हैं। 36 गेंदों में 54 रन का प्रति गेंद औसत 1.5 रन है, जिसे छह से गुणा करने पर 9.00 रन प्रति ओवर मिलता है। यह तरीका लाइव मैच में उपयोगी है, खासकर जब स्कोरकार्ड ओवरों की जगह गेंदों के रूप में उपलब्ध हो।
#2 आवश्यक रन रेट: लक्ष्य का पीछा करते समय क्या देखें?
आवश्यक रन रेट वह गति है जिस पर पीछा करने वाली टीम को लक्ष्य हासिल करने के लिए बाकी ओवरों में रन बनाने होंगे। इसका सूत्र है: बचे हुए रन ÷ बचे हुए वास्तविक ओवर। उदाहरण के लिए, 300 रन के लक्ष्य में भारत ने 30 ओवर के बाद 165 रन बनाए हैं; बचे 135 रन और 20 ओवर होने पर आवश्यक रन रेट 135 ÷ 20 = 6.75 होगा।
यह आंकड़ा शुरुआती रन रेट से अलग है। यदि पहले 30 ओवर में भारत का रन रेट 5.50 था, तो लक्ष्य तक पहुंचने के लिए अंतिम 20 ओवर में 6.75 की गति चाहिए। मैच की स्थिति केवल इस संख्या से तय नहीं होती; विकेट, पिच, ओस, गेंदबाजी विकल्प और बल्लेबाजी क्रम भी महत्वपूर्ण हैं। फिर भी आवश्यक रन रेट कप्तान को यह बताता है कि सामान्य गति पर्याप्त है या जोखिम बढ़ाना होगा।
Testbook के प्रचलित उदाहरण में पहले 20 ओवरों में रन रेट 5.4 और कुल लक्ष्य 384 दिया गया है। पहले 20 ओवर में रन 20 × 5.4 = 108 होंगे। शेष 30 ओवर में 276 रन चाहिए, इसलिए आवश्यक रन रेट 276 ÷ 30 = 9.20 होगा। यहां कई विद्यार्थी 384 ÷ 30 कर देते हैं, जो गलत है, क्योंकि पहले बनाए गए 108 रन को लक्ष्य से घटाना जरूरी है।
- पहले बनाए गए रन = बीते ओवर × शुरुआती रन रेट
- बचे रन = लक्ष्य − बनाए गए रन
- आवश्यक रन रेट = बचे रन ÷ बचे ओवर
यही गणना टी20 मैच में अधिक संवेदनशील होती है। 12 गेंदों में 28 रन की जरूरत और 12 गेंदों में 16 रन की जरूरत दोनों अलग दबाव बनाते हैं, भले ही दोनों स्थितियों में केवल दो ओवर बाकी हों। IPL समाचार की लाइव रणनीति रिपोर्ट में ऐसे अंतर को समझने के लिए लक्ष्य का पीछा करने की बल्लेबाजी रणनीति उपयोगी रहेगा।
अब इस सूत्र को वास्तविक स्कोर पर आजमाइए।

#3 नेट रन रेट: अंक तालिका में असली मूल्य क्या है?
नेट रन रेट का सामान्य सूत्र है: टूर्नामेंट में बनाए गए रन रेट − टूर्नामेंट में दिए गए रन रेट। यदि किसी टीम ने तीन मैचों में 50-50 ओवर खेलकर कुल 810 रन बनाए और 780 रन दिए, तो बनाए गए रन रेट 810 ÷ 150 = 5.40 तथा दिए गए रन रेट 780 ÷ 150 = 5.20 होंगे। नेट रन रेट +0.20 होगा।
टी20 प्रतियोगिता में यही विचार कुल ओवरों या प्रतियोगिता के आधिकारिक नियमों के अनुसार खेले गए ओवरों पर लागू होता है। लेकिन यहां एक महत्वपूर्ण किनारा है: यदि टीम लक्ष्य का पीछा करते हुए 18.2 ओवर में जीत जाती है, तो कई प्रतियोगिता नियमों में उसके रन रेट की गणना लक्ष्य के पूरे निर्धारित ओवरों के बजाय जीत के लिए जरूरी ओवरों के आधार पर की जाती है। इसलिए नेट रन रेट की अंतिम गणना के लिए केवल सामान्य सूत्र देखना पर्याप्त नहीं; आईपीएल, एशिया कप या आईसीसी प्रतियोगिता के नियम देखना चाहिए।
ऑल आउट होने पर भी पूरी निर्धारित पारी अपने आप नहीं जुड़ती। एकदिवसीय मैच में टीम 43.2 ओवर में ऑल आउट हुई तो रन रेट संबंधी गणना में प्रतियोगिता के नियमों के अनुसार 50 ओवर का उपयोग किया जा सकता है। यही कारण है कि समान स्कोर वाली दो टीमों का नेट रन रेट अलग हो सकता है। आईसीसी प्रतियोगिता नियम प्रतियोगिता-विशेष गणना और वर्षा प्रभावित मैचों के प्रावधान स्पष्ट करते हैं।
किसी पुराने मैच में औसत रन रेट विधि का उल्लेख मिल सकता है। यह वर्षा या बाधित सीमित ओवर मैचों में लक्ष्य तय करने की ऐतिहासिक पद्धति थी और 1991 में मोस्ट प्रोडक्टिव ओवर्स पद्धति से बदली गई। आज डकवर्थ-लुईस-स्टर्न पद्धति अधिक प्रासंगिक है। इसका मतलब यह नहीं कि रन रेट का मूल सूत्र बदल गया; केवल संशोधित लक्ष्य और संसाधन प्रतिशत की गणना अलग हो जाती है।
“छह वैध गेंदें एक ओवर बनाती हैं”—यह नियम छोटा है, पर पूरे हिसाब की नींव यही है। इसलिए नेट रन रेट देखते समय 7.5 ओवर को 7.5 नहीं, बल्कि 45 वैध गेंद समझिए।
वर्षा प्रभावित मैचों के लिए यह अतिरिक्त संदर्भ भी देखें: डकवर्थ-लुईस-स्टर्न पद्धति की सरल व्याख्या।
आंकड़ों की तुलना करने से पहले प्रतियोगिता का नियम पढ़ना समझदारी है।
रन रेट की गणना में कौन-सी गलतियां सबसे महंगी पड़ती हैं?
रन रेट में सबसे बड़ी गलती ओवर-दशमलव को सामान्य दशमलव समझना है। इसके बाद लोग अक्सर अतिरिक्त रन, संशोधित लक्ष्य और ऑल आउट होने की स्थिति को नजरअंदाज कर देते हैं। इन त्रुटियों से बचने के लिए निम्न जांच सूची अपनाएं:
- 7.4 ओवर को 7.4 न मानें: इसका मतलब 7 ओवर और 4 गेंद है, यानी 46 वैध गेंद।
- वाइड और नो-बॉल गिनें: इनके रन स्कोर में जुड़ते हैं, पर गेंदों की संख्या में नहीं।
- लक्ष्य से बनाए रन घटाएं: आवश्यक रन रेट निकालते समय पूरे लक्ष्य को बचे ओवरों से भाग न दें।
- नेट रन रेट के नियम देखें: जीत के लिए इस्तेमाल ओवर और ऑल आउट पारी की गणना प्रतियोगिता के अनुसार बदल सकती है।
- दशमलव को अंत में गोल करें: बीच की गणना में जल्दी गोल करने से अंतिम परिणाम बदल सकता है।
एक व्यावहारिक जांच यह है कि पहले गेंदों में गणना करें। 20 ओवर यानी 120 वैध गेंद हैं। 180 रन का प्रति गेंद औसत 180 ÷ 120 = 1.5 है; इसे छह से गुणा करने पर 9.00 रन प्रति ओवर मिलता है। अगर ओवर-आधारित और गेंद-आधारित परिणाम अलग आते हैं, तो कहीं न कहीं 7.3 या 16.5 जैसे स्कोरबोर्ड प्रारूप को गलत पढ़ा गया है।
कमेंटेटर की “रन गति बढ़ानी होगी” जैसी बात को भी सीधे अंतिम परिणाम न मानें। उदाहरण के लिए 10 ओवर में 70 रन का रन रेट 7.00 है, लेकिन 5 विकेट गिर चुके हों तो वही गति सुरक्षित नहीं मानी जाएगी। डेटा उपयोगी है, मगर संदर्भ के बिना अधूरा है। यह वह हिस्सा है जिसे सामान्य कैलकुलेटर नहीं समझाता।
रन रेट कैलकुलेटर के लिए कौन-सा तरीका चुनें?
सरल मैच स्थिति में हाथ से गणना सबसे भरोसेमंद रहती है: रन लिखें, वैध गेंदें गिनें, छह से भाग दें और फिर रन को ओवरों से भाग दें। मोबाइल कैलकुलेटर तब उपयोगी है जब रन 327 और गेंद 1,174 जैसी बड़ी संख्याएं हों। स्प्रेडशीट या क्रिकेट विश्लेषण सॉफ्टवेयर कई मैचों के नेट रन रेट में अच्छा है, लेकिन उसमें प्रतियोगिता के आधिकारिक नियम सही डालना जरूरी है।
मेरी स्थायी पसंद यह है कि पहले गेंद-आधारित गणना की जाए और फिर स्कोरबोर्ड के ओवर प्रारूप से मिलान किया जाए। इससे 7.5 को 7.5 मानने वाली गलती तुरंत पकड़ी जाती है। किसी वेबसाइट पर दिख रहे रन रेट को आंख बंद करके न मानें, विशेषकर जब मैच बारिश से प्रभावित हो या टीम लक्ष्य का पीछा करते हुए जल्दी ऑल आउट हुई हो।
डेटा स्रोत चुनते समय ईएसपीएनक्रिकइन्फो, आईसीसी, बीसीसीआई और आधिकारिक आईपीएल स्कोरकार्ड को प्राथमिकता दें। आईपीएल समाचार की मैच समीक्षा में भी स्कोर, गेंद, विकेट और साझेदारी के आंकड़ों को अलग-अलग देखकर निष्कर्ष निकालना बेहतर है। खिलाड़ी आंकड़े और मैच विश्लेषण पढ़ने का तरीका उन पाठकों के लिए उपयोगी है जो रन रेट को बल्लेबाज की स्ट्राइक रेट से जोड़कर देखना चाहते हैं।
यहां एक और जरूरी अंतर है: रन रेट टीम की गति है, जबकि स्ट्राइक रेट बल्लेबाज की व्यक्तिगत गति। विराट कोहली का 150 का स्ट्राइक रेट टीम के 8.20 रन रेट की गारंटी नहीं देता, क्योंकि अन्य बल्लेबाज, अतिरिक्त रन और विकेट भी कुल पारी को प्रभावित करते हैं।
सही उपकरण चुनने पर यह गणना आसान हो जाती है।

किस स्थिति में कौन-सा रन रेट देखना चाहिए?
यदि आप केवल एक मैच की पहली पारी का मूल्यांकन कर रहे हैं, तो सामान्य रन रेट देखें। लक्ष्य का पीछा चल रहा हो तो आवश्यक रन रेट अधिक महत्वपूर्ण है, क्योंकि वह तत्काल मांग बताता है। टूर्नामेंट की अंक तालिका में टीमों की बराबरी हो रही हो तो नेट रन रेट निर्णायक हो सकता है।
- पारी की गति: सामान्य रन रेट।
- लक्ष्य का दबाव: आवश्यक रन रेट।
- अंक तालिका की तुलना: नेट रन रेट।
- बल्लेबाज का व्यक्तिगत योगदान: स्ट्राइक रेट।
- वर्षा से बाधित मुकाबला: डकवर्थ-लुईस-स्टर्न संशोधित लक्ष्य और संसाधन।
उदाहरण के लिए, गुजरात टाइटंस ने 20 ओवर में 190 रन बनाए तो उसका रन रेट 9.50 है। राजस्थान रॉयल्स 10 ओवर में 82 रन पर है और लक्ष्य 191 है, तो उसे 109 रन 10 ओवर में चाहिए; आवश्यक रन रेट 10.90 होगा। यदि दोनों टीमों के पिछले पांच मैचों का संयुक्त रन रेट और दिए गए रन रेट अलग हैं, तो नेट रन रेट अंक तालिका का अलग सवाल बन जाता है।
किसी टीम को केवल ऊंचे रन रेट के कारण मजबूत घोषित करना जल्दबाजी होगी। चेन्नई सुपर किंग्स जैसी टीम धीमी शुरुआत के बाद विकेट बचाकर अंतिम ओवरों में गति बढ़ा सकती है, जबकि पावरप्ले में तेज रन बनाने वाली टीम मध्य ओवरों में रुक सकती है। आंकड़ा निर्णय का आधार है, पूरा निर्णय नहीं।
हमारी गणना पद्धति किस आधार पर तय है?
इस मार्गदर्शिका में प्राथमिकता चार बातों को दी गई है: गणितीय शुद्धता, आधिकारिक नियमों से मेल, वास्तविक मैच उदाहरण और आम गलती पकड़ने की क्षमता। केवल 180 ÷ 20 जैसा आसान उदाहरण पर्याप्त नहीं, इसलिए 47 गेंद, 7.4 ओवर, वाइड-नो-बॉल, लक्ष्य का पीछा और टूर्नामेंट नेट रन रेट सभी शामिल किए गए हैं।
हमने गणना के लिए ये भार रखे हैं:
- गणितीय शुद्धता — 35 प्रतिशत: गेंदों को वास्तविक ओवर में बदलना और अंत में सही गोलाई।
- नियम आधारित संदर्भ — 25 प्रतिशत: लॉर्ड्स के क्रिकेट नियम और आईसीसी प्रतियोगिता प्रावधान।
- मैच उपयोगिता — 25 प्रतिशत: लाइव लक्ष्य, पारी की गति और अंक तालिका में प्रयोग।
- व्यावहारिक स्पष्टता — 15 प्रतिशत: छोटे सूत्र, तालिका और सत्यापन के तरीके।
यह ढांचा इसलिए रखा गया है क्योंकि कई ऑनलाइन लेख केवल सामान्य सूत्र बताते हैं और 7.5 ओवर की असली समस्या छोड़ देते हैं। आंकड़ों में छोटी दिखने वाली यह गलती आवश्यक रन रेट और नेट रन रेट दोनों को बदल सकती है। शोध आधारित स्रोतों में भी नियम और प्रतियोगिता-विशेष शर्तों को अलग रखना जरूरी माना जाता है; विकिपीडिया का औसत रन रेट संदर्भ ऐतिहासिक बदलाव का उपयोगी विवरण देता है।
आपको कौन-सा रन रेट चुनना चाहिए?
एक मैच की पारी समझनी हो तो सामान्य रन रेट चुनें, पीछा चल रहा हो तो आवश्यक रन रेट देखें और प्रतियोगिता की स्थिति जाननी हो तो नेट रन रेट पर जाएं। गणना से पहले ओवर-दशमलव को गेंदों में बदलना ही सबसे महत्वपूर्ण कदम है। 20 ओवर में 180 रन का उत्तर 9.00 है, लेकिन 47 गेंदों में 62 रन का उत्तर 8.27 नहीं, लगभग 7.91 है।
अंतिम उपयोगी तरीका यही है: पहले आधिकारिक स्कोरकार्ड से रन और वैध गेंद सत्यापित करें, फिर सूत्र लगाएं, फिर प्रतियोगिता के नियम से परिणाम मिलाएं। इस क्रम से आप आईपीएल, भारत, ऑस्ट्रेलिया, पाकिस्तान या किसी भी घरेलू टूर्नामेंट में रन रेट का सही अर्थ निकाल पाएंगे। चमकदार विश्लेषण से ज्यादा मूल्य साफ गणित का है—यह सिद्धांत मैं नहीं बदलता।
अब अपनी अगली मैच समीक्षा में इन तीन आंकड़ों को अलग-अलग लिखिए।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न: क्रिकेट में रन रेट क्या होता है?
उत्तर: रन रेट किसी टीम द्वारा बनाए गए कुल रन को खेले गए वास्तविक ओवरों से भाग देने पर मिलने वाली औसत गति है। 20 ओवर में 180 रन बनाने पर रन रेट 9.00 होगा। इसमें चौके, छक्के, दौड़े हुए रन और अतिरिक्त रन शामिल होते हैं, जबकि ओवरों की गणना केवल छह वैध गेंदों के आधार पर की जाती है। इसलिए 7.5 ओवर को 7.5 दशमलव ओवर नहीं माना जाता; वह 7 ओवर और 5 गेंद है। पारी की गति समझने के लिए यह सबसे पहला आंकड़ा है।
प्रश्न: क्रिकेट में रन रेट कैसे निकालें?
उत्तर: रन रेट निकालने के लिए कुल रन को वास्तविक खेले गए ओवरों से भाग दें। यदि गेंदों में आंकड़ा दिया है, तो पहले वैध गेंदों को छह से भाग देकर ओवर बनाएं; 46 गेंद यानी 7 ओवर और 4 गेंद, या 7.666 ओवर होते हैं। उदाहरण के लिए 62 रन और 46 गेंद पर रन रेट 62 ÷ 7.666 = लगभग 8.09 होगा। वाइड और नो-बॉल रन में जुड़ते हैं, लेकिन वैध गेंदों की संख्या में नहीं।
प्रश्न: आवश्यक रन रेट और रन रेट में क्या अंतर है?
उत्तर: रन रेट बीती पारी की गति बताता है, जबकि आवश्यक रन रेट लक्ष्य पूरा करने के लिए आगे चाहिए गति दिखाता है। 384 के लक्ष्य में 20 ओवर बाद 108 रन होने पर 276 रन बाकी रहेंगे; 30 ओवर में आवश्यक रन रेट 9.20 होगा। सामान्य रन रेट का सूत्र बनाए गए रन पर लागू होता है, जबकि आवश्यक रन रेट बचे रन और बचे ओवर पर। लक्ष्य का पीछा करते समय दूसरा आंकड़ा ज्यादा उपयोगी होता है।
प्रश्न: नेट रन रेट कैसे निकाला जाता है?
उत्तर: नेट रन रेट प्रतियोगिता में बनाए गए रन रेट में से दिए गए रन रेट को घटाकर निकाला जाता है। उदाहरण के लिए 150 ओवर में 810 रन बनाने और 780 रन देने पर क्रमशः 5.40 और 5.20 रन रेट होंगे, इसलिए नेट रन रेट +0.20 होगा। हालांकि, ऑल आउट पारी, जल्दी लक्ष्य हासिल करने और बारिश से प्रभावित मैचों के लिए आईसीसी या संबंधित प्रतियोगिता के नियम लागू हो सकते हैं। अंक तालिका में अंतिम गणना से पहले आधिकारिक नियम देखना जरूरी है।
प्रश्न: 7.5 ओवर को 7.5 से भाग देना गलत क्यों है?
उत्तर: 7.5 ओवर का अर्थ 7 ओवर और 5 गेंद है, इसलिए इसे 7.833 ओवर माना जाता है, 7.5 नहीं। क्रिकेट में ओवर की गिनती छह गेंदों के आधार पर होती है, सामान्य दशमलव पद्धति से नहीं। उदाहरण के लिए 7 ओवर और 5 गेंद कुल 47 वैध गेंद हैं, यानी 47 ÷ 6 = 7.833 ओवर। यह छोटी गलती रन रेट, आवश्यक रन रेट और नेट रन रेट तीनों को बदल सकती है।
प्रश्न: क्या रन रेट और बल्लेबाज का स्ट्राइक रेट एक ही हैं?
उत्तर: नहीं, रन रेट पूरी टीम की प्रति ओवर गति है, जबकि स्ट्राइक रेट किसी एक बल्लेबाज के प्रति 100 गेंद रन बताता है। विराट कोहली का स्ट्राइक रेट 140 हो सकता है, फिर भी भारत का टीम रन रेट 8.20 रह सकता है। टीम रन रेट में दूसरे बल्लेबाजों, अतिरिक्त रन, विकेट और पूरी पारी की गेंदें शामिल होती हैं। इसलिए खिलाड़ी आंकड़े और टीम आंकड़े अलग कॉलम में पढ़ें।
प्रश्न: बारिश से प्रभावित मैच में रन रेट की गणना बदलती है?
उत्तर: सामान्य रन रेट का सूत्र नहीं बदलता, लेकिन संशोधित लक्ष्य और नेट रन रेट की प्रतियोगिता-विशेष गणना बदल सकती है। डकवर्थ-लुईस-स्टर्न पद्धति उपलब्ध ओवर और विकेट जैसे संसाधनों के आधार पर लक्ष्य तय करती है। वर्षा से मैच रुकने पर केवल लक्ष्य को बचे ओवरों से भाग देना पर्याप्त नहीं होता। आधिकारिक आईसीसी स्कोरकार्ड या प्रतियोगिता नियम से संशोधित लक्ष्य और अंतिम नेट रन रेट की पुष्टि करें।
रन रेट को नियम, गेंद और संदर्भ—इन तीनों के साथ पढ़ें, तभी स्कोरकार्ड सचमुच समझ आएगा।
पढ़ने के लिए धन्यवाद।
उन लोगों के लिए जो केवल रोमांच के लिए नहीं खेलते।
IPL समाचार · The High-Stakes Editorial · No. 01