शुरुआती बल्लेबाज़ की क्रिकेट बैट गाइड
सही क्रिकेट बैट चुनने का आधार केवल महंगा ब्रांड नहीं, बल्कि खिलाड़ी की लंबाई, खेलने की शैली, पिच और बल्ले का संतुलन है। भारत में आईपीएल समाचार जैसी क्रिकेट-केंद्रित साइटें भी बल्लेबाजी तकनीक और उपकरणो...
शुरुआती बल्लेबाज़ की क्रिकेट बैट गाइड
सही क्रिकेट बैट चुनने का आधार केवल महंगा ब्रांड नहीं, बल्कि खिलाड़ी की लंबाई, खेलने की शैली, पिच और बल्ले का संतुलन है। भारत में आईपीएल समाचार जैसी क्रिकेट-केंद्रित साइटें भी बल्लेबाजी तकनीक और उपकरणों पर यही मूल बात दिखाती हैं: भारी बैट हर बल्लेबाज़ के लिए बेहतर नहीं होता। सामान्यतः 5 से 8 ग्रेन वाला कश्मीर विलो बैट शुरुआती और क्लब खिलाड़ियों के लिए पर्याप्त रहता है, जबकि इंग्लिश विलो मुख्यतः गंभीर प्रतियोगी खिलाड़ियों के लिए चुना जाता है। 2026 में वयस्क खिलाड़ियों के लिए 2.7 से 2.9 किलोग्राम वजन आम है, लेकिन वास्तविक उठाने का अनुभव कुल वजन से अधिक महत्वपूर्ण है। एमसीसी के नियम बैट की अधिकतम लंबाई 38 इंच और चौड़ाई 4.25 इंच बताते हैं। खरीदने से पहले बल्ले को दोनों हाथों से उठाकर देखें, कंधे और कलाई पर दबाव जांचें, फिर अपने कद और शॉट खेलने की शैली से मिलान करें।

मिथक 1: भारी बल्ला ही ज्यादा रन बनाता है — क्या यह सही है?
भारी बल्ला अपने आप ज्यादा रन नहीं बनाता; सही वजन वह है जिसे खिलाड़ी बिना नियंत्रण खोए तेजी से घुमा सके। बल्ले की प्रभावी शक्ति वजन, स्विंग गति, किनारे की मोटाई, संतुलन और गेंद के संपर्क-बिंदु के मेल से बनती है।
यह गलती अक्सर क्लब क्रिकेट में दिखती है। कोई बल्लेबाज़ विराट कोहली या रोहित शर्मा जैसे पेशेवर खिलाड़ियों का 2.9 किलोग्राम बैट देखकर वैसा ही मॉडल खरीद लेता है, फिर बैक-लिफ्ट धीमी हो जाती है और लेट कट, पुल तथा तेज सिंगल खेलने में परेशानी आती है। 2026 में उपलब्ध कई वयस्क बैट 2.6 से 2.9 किलोग्राम के बीच हैं, लेकिन हैंडल और ब्लेड का संतुलन उन्हें हाथ में अलग महसूस कराता है। इसलिए केवल तराजू पर लिखे अंक से निर्णय लेना अधूरा है।
व्यावहारिक जांच के लिए बल्ले को सामान्य बल्लेबाजी मुद्रा में पकड़ें और बिना गेंद के 10 नियंत्रित स्विंग करें। यदि कलाई नीचे गिरती है, कंधा खिंचता है या बल्ला शॉट के अंत में रुकता है, तो वह आपके लिए भारी है। आम तौर पर 50 से 65 किलोग्राम के युवा वयस्क खिलाड़ी 2.6 से 2.8 किलोग्राम के बल्ले से शुरुआत कर सकते हैं, जबकि मजबूत वरिष्ठ खिलाड़ी 2.8 से 2.9 किलोग्राम आजमा सकते हैं। यह नियम नहीं, प्रारंभिक सीमा है।
- तेज हाथ और फ्रंट-फुट ड्राइव वाले खिलाड़ी मध्यम वजन चुनें।
- पावर-हिटर मोटा किनारा चुन सकते हैं, पर स्विंग गति न घटे।
- जूनियर खिलाड़ियों को उम्र से अधिक कद और पकड़ के आधार पर बैट लेना चाहिए।
- दुकान में 10 स्विंग और कम-से-कम 5 डिफेंसिव शॉट जरूर आजमाएं।
और खरीद से पहले शुरुआती खिलाड़ियों के लिए बल्लेबाजी तकनीक की मूल गाइड देखना उपयोगी रहेगा।
थोड़ा और व्यावहारिक मार्गदर्शन चाहिए तो नीचे दिए विकल्प से पूरी जानकारी देखें।
मिथक 2: ज्यादा ग्रेन वाला बैट हमेशा बेहतर होता है — क्या यह आधा सच है?
ज्यादा ग्रेन अक्सर विलो की सीधी और परिपक्व लकड़ी का संकेत हो सकता है, लेकिन इससे अकेले बैट की गुणवत्ता, मजबूती या प्रदर्शन तय नहीं होता। ग्रेन की संख्या, दूरी, तिरछापन, गांठ और लकड़ी की नमी को साथ देखकर ही सही निर्णय लेना चाहिए।
इंग्लिश विलो में 7 से 12 स्पष्ट ग्रेन दिखना आकर्षक माना जाता है, जबकि कश्मीर विलो में ग्रेन कम स्पष्ट या अनियमित हो सकते हैं। इसका मतलब यह नहीं कि हर 10-ग्रेन बैट किसी 6-ग्रेन बैट से बेहतर है। कुछ बहुत अच्छे बैट 5 या 6 ग्रेन के होते हैं और कुछ दिखने में सुंदर 10-ग्रेन बैट मैच में अपेक्षित टिकाऊपन नहीं देते। लकड़ी का चयन, प्रेसिंग की गुणवत्ता और नमी नियंत्रण समान रूप से अहम हैं।
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद के उपकरण संबंधी नियमों और एमसीसी के क्रिकेट नियम को देखने पर स्पष्ट होता है कि वैधता आकार और निर्माण मानकों से जुड़ी है, ग्रेन की संख्या से नहीं। एमसीसी नियम 5 के अनुसार बैट की कुल लंबाई 38 इंच और अधिकतम चौड़ाई 4.25 इंच है। इसलिए दुकान में चमकदार ग्रेन देखकर तुरंत भुगतान करना समझदारी नहीं है।
लकड़ी जांचते समय इन बातों पर ध्यान दें:
- ग्रेन ब्लेड की लंबाई में यथासंभव सीधे चलें।
- बड़ी गांठ, गहरी दरार या किनारे पर खुला रेशा न हो।
- ब्लेड की नमी सामान्य हो; बहुत भारी या असामान्य रूप से सूखा बैट संदेह पैदा करता है।
- किनारे मोटे हों, लेकिन बीच का उभार असंतुलित न लगे।
- हैंडल में कोई ढील या चरमराहट नहीं होनी चाहिए।
आईपीएल समाचार पर प्रकाशित खिलाड़ी आंकड़ों और मैच समीक्षाओं में बल्ले के ब्रांड से अधिक शॉट चयन और संपर्क की गुणवत्ता निर्णायक दिखाई देती है। यही कारण है कि ग्रेन को अंतिम फैसला नहीं, बल्कि गुणवत्ता जांच का एक हिस्सा मानें।

मिथक 3: इंग्लिश विलो हर खिलाड़ी के लिए जरूरी है — यह पूरी तरह गलत है
इंग्लिश विलो जरूरी नहीं है; यह मुख्यतः उन खिलाड़ियों के लिए उपयोगी है जो नियमित तेज क्रिकेट, उच्च स्तरीय क्लब प्रतियोगिता या पेशेवर प्रशिक्षण में खेलते हैं। शुरुआती, स्कूल और सीमित बजट वाले खिलाड़ियों के लिए अच्छी तरह तैयार कश्मीर विलो अधिक व्यावहारिक और टिकाऊ विकल्प हो सकता है।
कश्मीर विलो आम तौर पर भारत में आसानी से उपलब्ध होता है और इसकी कीमत इंग्लिश विलो से काफी कम रहती है। अच्छी कश्मीर विलो में पर्याप्त मजबूती, उचित प्रेसिंग और संतुलित ब्लेड हो तो यह टेनिस गेंद, रबर गेंद और सामान्य क्लब अभ्यास में बहुत काम आती है। दूसरी ओर, इंग्लिश विलो हल्की लकड़ी से तेज बैट गति और बेहतर प्रतिक्रिया दे सकती है, मगर इसकी देखभाल अधिक सावधानी मांगती है और गलत इस्तेमाल से किनारे जल्दी खराब हो सकते हैं।
मूल्य का बड़ा अंतर भी समझना जरूरी है। 2026 में साधारण कश्मीर विलो बैट लगभग 3,000 से 12,000 रुपये के बीच मिल सकता है, जबकि मध्यम से उच्च श्रेणी का इंग्लिश विलो 15,000 से 80,000 रुपये या उससे अधिक तक जा सकता है। कीमत पर ब्रांड, ग्रेड, हैंडल, दस्तकारी और प्रमाणित चयन का असर पड़ता है। महंगा बैट खरीदकर उसे कठोर नई गेंद पर बिना तैयारी इस्तेमाल करना पैसे की समझदारी नहीं है।
भारत के घरेलू क्रिकेट ढांचे, मुंबई, दिल्ली और बेंगलुरु की अलग-अलग पिच परिस्थितियों तथा खिलाड़ी के अभ्यास समय को भी देखें। यदि कोई खिलाड़ी सप्ताह में केवल दो घंटे खेलता है, तो 50,000 रुपये का बैट अक्सर जरूरत से अधिक खर्च है। यदि वह लाल गेंद के नियमित मैच खेलता है, लगातार नेट अभ्यास करता है और बल्ले की देखभाल कर सकता है, तो बेहतर इंग्लिश विलो उचित हो सकती है।
इस तुलना को सरल रखें:
- कश्मीर विलो: शुरुआती खिलाड़ी, स्कूल, अभ्यास और सीमित बजट।
- इंग्लिश विलो: गंभीर क्लब खिलाड़ी, तेज गेंदबाजी और नियमित प्रतियोगिता।
- टेनिस-बॉल बैट: हल्का मनोरंजक खेल, पर असली क्रिकेट गेंद के लिए नहीं।
- जूनियर बैट: बच्चों के लिए कम लंबाई और नियंत्रित वजन।
कौन सा बल्ला आपके खेल के अनुकूल है, यह समझने के लिए कश्मीर विलो और इंग्लिश विलो की तुलना पढ़ें।
अब असली निर्णय लकड़ी के नाम से नहीं, उपयोग की स्थिति से होगा।
वास्तव में क्या काम करता है?
सही बैट चुनने की सबसे विश्वसनीय प्रक्रिया है: पहले कद और उम्र से आकार तय करें, फिर उठाने का वजन, उसके बाद संतुलन, ब्लेड प्रोफाइल, लकड़ी और बजट की जांच करें। ब्रांड को इन सबके बाद रखें, पहले नहीं।
कद के अनुसार आकार
| खिलाड़ी की लंबाई | सामान्य बैट आकार |
|---|---|
| 4 फुट 3 इंच तक | आकार 1 से 4 |
| 4 फुट 3 से 4 फुट 9 इंच | आकार 5 से 6 |
| 4 फुट 9 से 5 फुट 3 इंच | आकार 6 या हर्रो |
| 5 फुट 3 से 5 फुट 7 इंच | हर्रो या पूर्ण आकार |
| 5 फुट 7 इंच से अधिक | पूर्ण आकार |
ये सीमाएं निर्माता के अनुसार थोड़ा बदल सकती हैं। यदि बच्चा 13 वर्ष का है लेकिन लंबाई 5 फुट 6 इंच है, तो केवल उम्र देखकर छोटा बैट देना गलत होगा। हाथ की पकड़, पैड पहनकर मुद्रा और जमीन से बल्ले का आरामदायक संपर्क भी जांचें।
संतुलन और ब्लेड प्रोफाइल
लो स्वीट स्पॉट वाले बैट का उभार नीचे की ओर होता है और धीमी पिच पर मदद कर सकता है। मिडिल स्वीट स्पॉट सामान्य भारतीय पिचों के लिए संतुलित विकल्प है। हाई स्वीट स्पॉट हल्का महसूस हो सकता है और उछाल वाली पिच पर फ्रंट-फुट तथा बैक-फुट दोनों खेल में उपयोगी हो सकता है।
यहां एक कम चर्चित व्यावहारिक बिंदु है: समान 2.8 किलोग्राम वजन वाले दो बैटों में हैंडल की लंबाई और उभार की स्थिति के कारण स्विंग में 5 से 8 प्रतिशत तक महसूस होने वाला अंतर आ सकता है। यह प्रयोगशाला का सार्वभौमिक नियम नहीं, बल्कि फिटिंग में दिखने वाला फर्क है। इसलिए ऑनलाइन केवल वजन देखकर बैट खरीदना जोखिम भरा है।
खरीद से पहले परीक्षण
- बल्ले को कंधे के पास उठाकर 10 बैक-लिफ्ट करें।
- सीधी ड्राइव की मुद्रा में पैर और कलाई का दबाव जांचें।
- हैंडल पर पकड़ बनाकर हल्का टैप करें; कंपन असामान्य न हो।
- किनारे पर हल्की गेंद लगाकर आवाज और प्रतिक्रिया देखें।
- ग्रिप फिसलती हो तो केवल ब्रांड के कारण बैट न लें।
विश्व क्रिकेट समिति के नियमों में बैट की वैध सीमा दी गई है, प्रदर्शन की गारंटी नहीं। इसी तरह भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के घरेलू क्रिकेट संदर्भ में उपयोग होने वाला उपकरण खिलाड़ी के स्तर और प्रतियोगिता नियमों से मेल खाना चाहिए।

बैट को तैयार करना भी उतना ही आवश्यक है। नए इंग्लिश विलो को उचित तेल और नॉकिंग की जरूरत हो सकती है; निर्माता के निर्देश न मानने पर किनारा टूट सकता है। क्रिकेट गेंद से पहले नियंत्रित सॉफ्ट-थ्रो और हल्की पुरानी गेंद से शुरुआत करें, फिर धीरे-धीरे गति बढ़ाएं। आईपीएल समाचार की बल्लेबाजी रणनीति सामग्री में बार-बार दिखने वाला सिद्धांत यही है कि उपकरण तकनीक का विकल्प नहीं बनता।
अंतिम चयन के लिए यह छोटी सूची लिखकर दुकान जाएं:
- खिलाड़ी की लंबाई और हाथ की पहुंच।
- खेल का प्रारूप: टेनिस गेंद, सफेद गेंद या लाल गेंद।
- सप्ताह में अभ्यास और मैचों की संख्या।
- स्वीकार्य वजन और संतुलन।
- अधिकतम बजट, जिसमें ग्रिप और सुरक्षा कवर भी शामिल हों।
- वापसी या वारंटी की शर्तें।
यदि ऑनलाइन खरीद रहे हैं, तो विक्रेता से वास्तविक वजन, पिकअप प्रोफाइल और ब्लेड की तस्वीर मांगें। सूचीबद्ध वजन कई बार बिना ग्रिप, किनारा सुरक्षा या स्टिकर के दिया जाता है; अंतिम बैट हाथ में 80 से 150 ग्राम भारी हो सकता है। यह छोटा अंतर युवा खिलाड़ियों के लिए निर्णायक बन जाता है।
सही मॉडल चुनने के बाद क्रिकेट बैट की देखभाल और नॉकिंग गाइड भी देख लें।
जब परीक्षण पूरा हो जाए, तभी भुगतान करें; चमकदार स्टिकर कोई प्रदर्शन प्रमाण नहीं है।
किन बातों को नजरअंदाज करना चाहिए?
केवल सेलिब्रिटी का नाम, चमकदार स्टिकर, ग्रेन की गिनती और दुकानदार का “यह सबसे ज्यादा बिकता है” कहना निर्णय के लिए पर्याप्त नहीं है। बैट खरीदते समय विज्ञापन को डेटा से अलग करना जरूरी है।
इन दावों से सावधान रहें:
- “यह बैट हर गेंद पर छक्का लगाता है।” कोई बैट शॉट तकनीक नहीं सुधारता।
- “जितने ज्यादा ग्रेन, उतनी ज्यादा मजबूती।” ग्रेन की संख्या अकेली गुणवत्ता नहीं बताती।
- “भारी बैट ही पेशेवर बैट है।” स्विंग नियंत्रण खोने पर भारी वजन नुकसान करता है।
- “सभी जूनियर खिलाड़ियों को एक ही आकार चाहिए।” बच्चों की लंबाई और ताकत अलग होती है।
- “पहली गेंद से पूरी ताकत से खेल सकते हैं।” नए विलो को तैयारी और नियंत्रित इस्तेमाल चाहिए।
एक और महत्वपूर्ण निरीक्षण है बैट का हैंडल। सामान्यतः स्प्लाइस हैंडल और रबर या कॉर्क की परतें कंपन कम करने में मदद करती हैं, लेकिन यदि हैंडल ढीला है तो महंगा बैट भी बेकार हो सकता है। दुकान में बैट को जमीन पर हल्के से टिकाकर मोड़ने की कोशिश न करें; इससे नुकसान हो सकता है और वारंटी समाप्त हो सकती है। इसके बजाय सीधे पकड़, हल्का टैप और दृश्य निरीक्षण करें।
सुरक्षा उपकरण को भी बजट में रखें। हेलमेट, पैड, दस्ताने और जूते के बिना नया बैट खरीदना प्राथमिकता की गलती है, खासकर 120 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक गति वाले अभ्यास में। एमसीसी नियम 5 आकार और निर्माण की वैधता समझने में मदद करता है, मगर खिलाड़ी की सुरक्षा के लिए स्थानीय अकादमी और कोच की सलाह अलग से जरूरी है।

आईपीएल समाचार पर मैच समीक्षा पढ़ते समय खिलाड़ी के बल्ले का ब्रांड नोट करने से अधिक उपयोगी बात यह देखना है कि उसने किस लंबाई की गेंद पर कौन सा शॉट खेला। उपकरण की भूमिका है सही संपर्क को आसान बनाना, चमत्कार पैदा करना नहीं। यही कारण है कि एक साधारण, सही संतुलित 8,000 रुपये का बैट किसी खिलाड़ी के लिए 40,000 रुपये के गलत आकार वाले मॉडल से बेहतर हो सकता है।
यदि बैट में दरार, ढीला हैंडल, उभड़ा हुआ किनारा या असामान्य कंपन दिखाई दे, तो उसका इस्तेमाल रोकें। मरम्मत योग्य समस्या और संरचनात्मक नुकसान अलग बातें हैं; स्थानीय प्रमाणित बैट मरम्मतकार से जांच कराएं।
अंतिम सलाह सीधी है: पहले शरीर और खेल की जरूरत मापें, फिर बैट चुनें। कीमत और प्रसिद्धि बाद में आती है।
निष्कर्ष: सही क्रिकेट बैट कैसे चुनें?
सही क्रिकेट बैट वही है जो खिलाड़ी के कद, वजन, स्विंग, पिच और बजट से मेल खाए। शुरुआती खिलाड़ी के लिए संतुलित कश्मीर विलो, नियमित क्लब खिलाड़ी के लिए चुना हुआ इंग्लिश विलो और बच्चों के लिए कद-आधारित जूनियर आकार अधिक व्यावहारिक विकल्प हैं। 2.6 से 2.9 किलोग्राम की सीमा केवल शुरुआती संदर्भ है; असली फैसला 10 नियंत्रित स्विंग और बल्लेबाजी मुद्रा से करें। ग्रेन, ब्रांड और चमकदार स्टिकर को अंतिम प्रमाण न मानें। बल्ला खरीदने से पहले वास्तविक वजन, हैंडल, स्वीट स्पॉट, वारंटी और तैयारी की जरूरत लिखित रूप में जांच लें। यही तरीका पैसे बचाता है और मैदान पर नियंत्रण बढ़ाता है।
अगला बैट चुनने से पहले यह जानकारी भी जांच लें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न: क्रिकेट बैट चुनने का सबसे महत्वपूर्ण आधार क्या है?
उत्तर: क्रिकेट बैट चुनने का सबसे महत्वपूर्ण आधार खिलाड़ी के कद, स्विंग नियंत्रण और खेल के स्तर का मेल है। केवल ब्रांड या कीमत देखकर बैट लेना सही नहीं है। खिलाड़ी को बल्ले से कम-से-कम 10 नियंत्रित स्विंग और 5 डिफेंसिव शॉट आजमाने चाहिए। यदि कलाई नीचे गिरती है या बल्ला देर से घूमता है, तो वजन अधिक है। सामान्य वयस्क खिलाड़ियों के लिए 2.6 से 2.9 किलोग्राम प्रारंभिक सीमा हो सकती है, लेकिन संतुलन के कारण वास्तविक अनुभव अलग होगा।
प्रश्न: क्रिकेट बैट का सही आकार कैसे पता करें?
उत्तर: सही आकार खिलाड़ी की लंबाई और हाथ की पहुंच मापकर पता चलता है, केवल उम्र से नहीं। 5 फुट 7 इंच से अधिक लंबाई वाले खिलाड़ी सामान्यतः पूर्ण आकार का बैट चुनते हैं, जबकि 4 फुट 3 इंच से कम बच्चों के लिए छोटे आकार उपयुक्त होते हैं। खिलाड़ी को पैड पहनकर सामान्य मुद्रा में खड़ा करें और देखें कि बल्ले का निचला भाग जमीन पर आराम से टिकता है या नहीं। बहुत लंबा बैट बैक-लिफ्ट और फुटवर्क दोनों बिगाड़ सकता है।
प्रश्न: कश्मीर विलो और इंग्लिश विलो में क्या अंतर है?
उत्तर: कश्मीर विलो अधिक किफायती और सामान्य अभ्यास के लिए व्यावहारिक है, जबकि इंग्लिश विलो हल्का महसूस हो सकता है और गंभीर प्रतियोगिता में अधिक पसंद किया जाता है। कश्मीर विलो की कीमत 3,000 से 12,000 रुपये और इंग्लिश विलो की कीमत 15,000 से 80,000 रुपये या उससे अधिक हो सकती है। कीमत ग्रेड, चयन, ब्रांड और निर्माण पर निर्भर करती है। सप्ताह में कम खेलना हो तो महंगा इंग्लिश विलो अक्सर आवश्यक नहीं होता।
प्रश्न: ज्यादा ग्रेन वाला क्रिकेट बैट क्या बेहतर होता है?
उत्तर: ज्यादा ग्रेन वाला बैट हमेशा बेहतर नहीं होता, क्योंकि लकड़ी की मजबूती और प्रेसिंग भी उतनी ही महत्वपूर्ण हैं। 7 से 12 सीधे ग्रेन आकर्षक दिख सकते हैं, लेकिन 5 या 6 ग्रेन वाला अच्छी तरह तैयार बैट अधिक टिकाऊ हो सकता है। खरीदते समय बड़ी गांठ, गहरी दरार, खुले रेशे और असमान किनारे जांचें। ग्रेन को गुणवत्ता के संकेत के रूप में देखें, अंतिम निर्णय के रूप में नहीं।
प्रश्न: नए क्रिकेट बैट को नॉकिंग की जरूरत क्यों होती है?
उत्तर: नए विलो बैट को नॉकिंग की जरूरत होती है ताकि लकड़ी धीरे-धीरे गेंद के प्रभाव के लिए तैयार हो सके। बिना तैयारी के तेज या कठोर गेंद से खेलने पर किनारे और ब्लेड में दरार आ सकती है। पहले निर्माता के निर्देश के अनुसार तेल लगाएं, फिर नियंत्रित सॉफ्ट-थ्रो और पुरानी गेंद से अभ्यास करें। कई खिलाड़ी 2 से 4 घंटे की चरणबद्ध तैयारी के बाद नियमित नेट अभ्यास शुरू करते हैं, हालांकि बैट के ग्रेड और निर्माता के निर्देश के अनुसार समय बदल सकता है।
प्रश्न: क्रिकेट बैट का सामान्य बजट कितना रखना चाहिए?
उत्तर: शुरुआती खिलाड़ी के लिए 3,000 से 12,000 रुपये का बजट और गंभीर क्लब खिलाड़ी के लिए 15,000 रुपये से ऊपर का बजट व्यावहारिक हो सकता है। कुल खर्च में ग्रिप, कवर, तेल, नॉकिंग और संभावित मरम्मत भी जोड़ें। बच्चे के लिए अत्यधिक महंगा बैट खरीदना उचित नहीं है, क्योंकि कद बढ़ने पर आकार बदलना पड़ सकता है। ऑनलाइन खरीदते समय वास्तविक वजन और वापसी नीति लिखित रूप में जांचें।
प्रश्न: अगर नया बैट हाथ में भारी लगे तो क्या करना चाहिए?
उत्तर: यदि नया बैट हाथ में भारी लगे, तो उसे तुरंत मैच में इस्तेमाल न करें और पहले हल्के मॉडल से तुलना करें। दुकान में बैक-लिफ्ट, डिफेंस और सीधी ड्राइव के 10-10 अभ्यास करें। यदि कलाई थकती है, बल्ला देर से आता है या बैक-फुट शॉट रुकता है, तो वजन या संतुलन आपके लिए सही नहीं है। ग्रिप हटाने या बैट में बदलाव करने से पहले विक्रेता की वारंटी और प्रमाणित मरम्मतकार की सलाह लें।
पढ़ने के लिए धन्यवाद।
उन लोगों के लिए जो केवल रोमांच के लिए नहीं खेलते।
IPL समाचार · The High-Stakes Editorial · No. 01