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2026 में क्रिकेट नियम: नए दर्शक की गाइड
विशेष विश्लेषण

2026 में क्रिकेट नियम: नए दर्शक की गाइड

क्रिकेट के नियम केवल बल्ले से गेंद मारने और दौड़कर रन लेने तक सीमित नहीं हैं। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद यानी आईसीसी के नियमों में 11 खिलाड़ियों की टीम, छह वैध गेंदों का ओवर, विकेट, रन, अपील और अंपाय...

30 सितंबर 2026 5 min read
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2026 में क्रिकेट नियम: नए दर्शक की गाइड

क्रिकेट के नियम केवल बल्ले से गेंद मारने और दौड़कर रन लेने तक सीमित नहीं हैं। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद यानी आईसीसी के नियमों में 11 खिलाड़ियों की टीम, छह वैध गेंदों का ओवर, विकेट, रन, अपील और अंपायर का निर्णय मुख्य आधार हैं। टेस्ट क्रिकेट में पांच दिन तक मैच चल सकता है, जबकि एकदिवसीय क्रिकेट में प्रत्येक टीम को 50 ओवर और टी20 क्रिकेट में 20 ओवर मिलते हैं। मैरीलेबोन क्रिकेट क्लब के 42 नियम खेल के मूल ढांचे को तय करते हैं, लेकिन आईपीएल, घरेलू लीग और स्थानीय टूर्नामेंट अतिरिक्त शर्तें जोड़ सकते हैं। उदाहरण के लिए, कुछ आठ या दस ओवर के मैचों में पावरप्ले, फ्री-हिट और सीमा रेखा के नियम अलग लिखे जाते हैं। इसलिए पहले प्रतियोगिता की नियम-पुस्तिका पढ़ें, फिर स्कोरकार्ड समझें और हर विवाद पर अंपायर का अंतिम फैसला मानें।

क्रिकेट को ठीक से समझना चाहते हैं? पहले मूल नियमों पर पकड़ बनाइए।

और जानें

सीधी बात: क्रिकेट के नियमों का सार क्या है?

क्रिकेट में दो टीमें बारी-बारी से बल्लेबाजी और गेंदबाजी करती हैं। बल्लेबाजी करने वाली टीम अधिक से अधिक रन बनाती है, जबकि क्षेत्ररक्षण करने वाली टीम विकेट लेकर पारी रोकती है। छह वैध गेंदों के बाद एक ओवर पूरा होता है; वाइड और नो-बॉल वैध गेंदों में नहीं गिनी जातीं। मैच का विजेता सामान्यतः वह टीम होती है जो लक्ष्य से एक रन अधिक बनाती है या विपक्षी टीम के सभी विकेट गिरा देती है।

टीम, पारी और टॉस

मानक क्रिकेट मैच में दोनों टीमों में 11 खिलाड़ी होते हैं। इनमें बल्लेबाज, गेंदबाज, विकेटकीपर और क्षेत्ररक्षक शामिल होते हैं, हालांकि एक खिलाड़ी कई भूमिकाएं निभा सकता है। कप्तान टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी या गेंदबाजी चुनता है; निर्णय पिच, मौसम, ओस और मैच के प्रारूप पर निर्भर करता है।

  • टेस्ट मैच में प्रत्येक टीम को सामान्यतः दो पारियां मिलती हैं।
  • एकदिवसीय मैच में प्रत्येक टीम को अधिकतम 50 ओवर मिलते हैं।
  • टी20 मैच में प्रत्येक टीम को अधिकतम 20 ओवर मिलते हैं।
  • सीमित ओवर मैच में निर्धारित ओवर पूरे होने से पहले भी पारी समाप्त हो सकती है।
  • दस विकेट गिरने पर पारी समाप्त हो जाती है, क्योंकि दो बल्लेबाज क्रीज पर रहना जरूरी है।

स्थानीय प्रतियोगिताओं में 8 ओवर प्रति पारी, 9 खिलाड़ियों की टीम, 10 मिनट का प्रतीक्षा समय या बिना डीआरएस जैसे नियम हो सकते हैं। यह अंतर महत्वपूर्ण है। किसी क्लब मैच के नियम को आईपीएल या भारत-ऑस्ट्रेलिया अंतरराष्ट्रीय मैच पर लागू करना वही गलती है जो बिना स्कोरकार्ड देखे दांव लगाने जैसा है। IPL समाचार पर मैच समीक्षा पढ़ते समय प्रतियोगिता का प्रारूप और आधिकारिक खेल-शर्तें जरूर देखें। शुरुआती दर्शकों के लिए क्रिकेट गाइड

रन कैसे बनते हैं?

बल्लेबाज गेंद को मारकर विकेटों के बीच दौड़कर रन बना सकते हैं। यदि गेंद सीमा रेखा तक जमीन छूते हुए पहुंचती है, तो चार रन मिलते हैं; यदि बल्लेबाज के बल्ले से लगी गेंद बिना जमीन छुए सीमा के बाहर जाती है, तो छह रन मिलते हैं। दौड़कर लिए गए रन, ओवरथ्रो और अतिरिक्त रन स्कोर में जोड़े जाते हैं।

अतिरिक्त रन बल्लेबाज के व्यक्तिगत स्कोर में नहीं जुड़ते। वाइड पर एक अतिरिक्त रन मिलता है और गेंद दोबारा डाली जाती है। नो-बॉल पर भी कम-से-कम एक अतिरिक्त रन मिलता है, और सीमित ओवर क्रिकेट में अगली गेंद फ्री-हिट हो सकती है। बाई तब मिलती है जब गेंद बल्ले या शरीर से बिना संपर्क के निकल जाए, जबकि लेग-बाई शरीर से टकराने के बाद नियमों के अनुसार दौड़ने पर मिलती है। हालांकि जानबूझकर गेंद को शरीर से रोकना वैध तरीका नहीं है।

डेटा से एक व्यावहारिक बात साफ होती है: स्कोरबोर्ड पर कुल रन और बल्लेबाज के रन हमेशा समान नहीं होते। उदाहरण के लिए 18 रन की साझेदारी में 3 वाइड और 2 लेग-बाई हों, तो बल्लेबाजों के बल्ले से केवल 13 रन आए होंगे। लाइव स्कोर समझने के लिए एक्स्ट्रा कॉलम को नजरअंदाज मत कीजिए।

खिलाड़ी वास्तव में मैदान पर क्या देखते हैं?

मैदान पर खिलाड़ी 22 गज लंबी पिच, दोनों सिरों पर विकेट, क्रीज की रेखाएं और सीमा रेखा देखते हैं। गेंदबाज का अगला पैर पॉपिंग क्रीज से आगे निकल जाए तो फ्रंट-फुट नो-बॉल हो सकती है। बल्लेबाज के लिए क्रीज केवल खड़े होने की जगह नहीं है; रन-आउट, स्टंपिंग और क्रीज से बाहर रहने का फैसला इसी रेखा से जुड़ा होता है।

ओवर, गेंद और नो-बॉल

एक सामान्य ओवर में छह वैध गेंदें होती हैं। वाइड, नो-बॉल या अन्य अमान्य डिलीवरी के बाद गेंदों की संख्या छह तक पहुंचने के लिए अतिरिक्त गेंद डाली जाती है। यह बात नए दर्शक अक्सर भूल जाते हैं और सात गेंदों वाले ओवर को गलती समझते हैं; गलती नहीं, अमान्य डिलीवरी का स्वाभाविक परिणाम है।

नो-बॉल के मुख्य कारणों में गेंदबाज का क्रीज पार करना, खतरनाक ऊंची बाउंसर, कमर से ऊपर पूर्ण टॉस और क्षेत्ररक्षण की सीमा का उल्लंघन शामिल हो सकता है। नियम प्रारूप के अनुसार थोड़ा बदलते हैं। सीमित ओवर क्रिकेट में नो-बॉल के बाद अगली गेंद फ्री-हिट घोषित की जा सकती है, लेकिन फ्री-हिट का अर्थ यह नहीं कि बल्लेबाज हर हालत में सुरक्षित है।

फ्री-हिट पर रन-आउट, नॉन-स्ट्राइकर का रन-आउट और कुछ अन्य परिस्थितियों में विकेट गिर सकता है। कैच, बोल्ड, एलबीडब्ल्यू और स्टंपिंग सामान्यतः फ्री-हिट पर आउट के विकल्प नहीं होते। यहीं पर टीवी दर्शक और नियम-पुस्तिका अलग दिखते हैं: स्क्रीन पर “फ्री-हिट” लिखा होना पूर्ण सुरक्षा का प्रमाण नहीं है।

आउट होने के प्रमुख तरीके

क्रिकेट में आउट के कई तरीके हैं, लेकिन हर अपील पर विकेट नहीं मिलता। अंपायर को गेंद, बल्ले, विकेट, क्रीज और संपर्क की पूरी स्थिति देखनी होती है।

  1. बोल्ड: गेंद विकेटों से टकराकर बेल गिरा दे।
  2. कैच: बल्ले से लगी गेंद जमीन छूने से पहले क्षेत्ररक्षक पकड़ ले।
  3. एलबीडब्ल्यू: गेंद विकेट पर लगती, लेकिन पैर या शरीर बीच में आ जाता है; इसके लिए दिशा, पिचिंग और इम्पैक्ट की शर्तें लागू होती हैं।
  4. रन-आउट: बल्लेबाज क्रीज से बाहर हो और गेंद से विकेट गिरा दिया जाए।
  5. स्टंपिंग: विकेटकीपर गेंद पकड़कर बल्लेबाज के क्रीज से बाहर रहते हुए विकेट गिरा दे।
  6. हिट विकेट: बल्लेबाज अपने बल्ले या शरीर से विकेट गिरा दे।
  7. हैंडल्ड द बॉल या ऑब्स्ट्रक्टिंग द फील्ड: जानबूझकर गेंद संभालना या क्षेत्ररक्षण में बाधा डालना।
  8. टाइम्ड आउट: नया बल्लेबाज तय समय में मैदान पर उपस्थित न हो।

मैरीलेबोन क्रिकेट क्लब के आधिकारिक नियमों में कैच के लिए गेंद का जमीन से पहले नियंत्रण में आना जरूरी है। छत के जाल, कैमरा तार या स्टेडियम की संरचना से टकराने वाली गेंद पर स्थानीय खेल-शर्तें लागू हो सकती हैं। इसलिए हर मैदान में सीमा और बाधा का नियम पहले से पढ़ना चाहिए।

क्या आप आउट के फैसलों को स्कोरकार्ड से मिलाकर देखना चाहते हैं? यही तरीका भ्रम घटाता है।

नियमों का सार देखें

सबसे अधिक असर डालने वाली तीन बातें कौन-सी हैं?

क्रिकेट के नियमों में सैकड़ों बारीकियां हैं, लेकिन मैच समझने के लिए तीन बातें सबसे पहले पकड़नी चाहिए: वैध गेंद की गिनती, विकेट और अतिरिक्त रन। इन तीनों से ओवर की लंबाई, लक्ष्य का आकार और बल्लेबाज की वास्तविक भूमिका स्पष्ट होती है। जो दर्शक केवल चौके और छक्के गिनता है, वह अक्सर मैच का असली हिसाब चूक जाता है।

1. वैध गेंद और ओवर की गिनती

स्कोरबोर्ड पर 4.3 ओवर का अर्थ चार पूरे ओवर और तीसरी वैध गेंद होता है, न कि चार ओवर और तीन सामान्य डिलीवरी। यदि उस तीसरी गेंद पर वाइड हुई, तो ओवर 4.3 पर नहीं रुकेगा; अगली वैध गेंद तक गिनती आगे नहीं बढ़ेगी। क्रिकेट के सांख्यिकीय रिकॉर्ड में यह छोटा-सा अंतर बहुत बड़ा प्रभाव डालता है।

गेंदबाज की सीमा भी महत्वपूर्ण है। टी20 मैच में एक गेंदबाज सामान्यतः पारी के अधिकतम 20 प्रतिशत ओवर डाल सकता है, यानी 4 ओवर। बारिश से घटे मैच या छोटे स्थानीय मैच में यह संख्या प्रतियोगिता की शर्तों के अनुसार बदल सकती है। आठ ओवर के मैच में कुछ आयोजक एक गेंदबाज को 2 ओवर से अधिक नहीं देते, जबकि कुछ अलग व्यवस्था अपनाते हैं।

2. विकेट और साझेदारी

दस विकेट गिरने पर पारी समाप्त होती है, लेकिन मैच की रणनीति पहले ही बदल जाती है। शुरुआती विकेट गिरने पर रन गति कम हो सकती है; अंतिम विकेटों के बीच साझेदारी लक्ष्य का आकार बदल सकती है। बल्लेबाजी क्रम में रिटायर्ड हर्ट, स्थानापन्न खिलाड़ी और कनकशन विकल्प का उपयोग भी प्रतियोगिता के नियमों से नियंत्रित होता है।

2024 से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में “बैटर” शब्द का उपयोग बढ़ा, क्योंकि नियम लिंग-तटस्थ शब्दावली की ओर गए। फिर भी सामान्य हिंदी में बल्लेबाज, विकेटकीपर और गेंदबाज ही सबसे साफ शब्द हैं। नियम समझने के लिए भाषा से अधिक जरूरी है कि खिलाड़ी का आधिकारिक दर्जा और मैदान पर उसकी भूमिका सही पहचानी जाए।

3. अतिरिक्त रन और लक्ष्य

लक्ष्य सामान्यतः पहली पारी के स्कोर से एक रन अधिक होता है। यदि भारत 178 रन बनाता है, तो ऑस्ट्रेलिया को जीतने के लिए 179 रन चाहिए। टाई की स्थिति में सुपर ओवर, बाउल-आउट या अन्य तरीका प्रतियोगिता की नियम-पुस्तिका तय करती है; सभी मैचों में समान समाधान नहीं होता।

डकवर्थ-लुईस-स्टर्न पद्धति बारिश से प्रभावित सीमित ओवर मैचों में संशोधित लक्ष्य देती है। यह पद्धति केवल बचे हुए ओवर नहीं देखती, बल्कि विकेट और उपलब्ध संसाधनों को भी गणना में शामिल करती है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद और मैरीलेबोन क्रिकेट क्लब के नियमों को साथ पढ़ने पर समझ आता है कि स्थानीय प्रतियोगिता के नियम और अंतरराष्ट्रीय कानून अलग स्तरों पर काम करते हैं।

किन खास स्थितियों में दर्शक सबसे ज्यादा भ्रमित होते हैं?

सबसे अधिक भ्रम फ्री-हिट, एलबीडब्ल्यू, ओवरथ्रो, बाउंड्री और वीडियो समीक्षा में होता है। कारण सीधा है: दर्शक केवल अंतिम दृश्य देखते हैं, जबकि अंपायर गेंद की शुरुआत से पूरी घटना का क्रम देखता है। क्रिकेट नियमों में “क्या हुआ” के साथ “किस क्रम में हुआ” भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

एलबीडब्ल्यू का फैसला

एलबीडब्ल्यू के लिए गेंद का विकेट की लाइन से जुड़ा होना, बल्लेबाज के शरीर से टकराने का स्थान और गेंद के विकेट पर लगने की संभावना देखी जाती है। ऑफ-साइड पर बल्लेबाज ने शॉट खेलने का प्रयास किया या नहीं, यह भी प्रभाव डाल सकता है। गेंद पहले बल्ले से लगी हो तो एलबीडब्ल्यू नहीं दिया जाता, क्योंकि बल्ले और पैड के संपर्क का क्रम निर्णायक है।

डीआरएस में हॉक-आई, अल्ट्राएज और हॉटस्पॉट जैसी तकनीकें सहायता देती हैं, लेकिन अंतिम फैसला तीसरे अंपायर और मैदानी अंपायर की प्रक्रिया से आता है। सभी टूर्नामेंट में डीआरएस उपलब्ध नहीं होता। संदर्भ के लिए क्रिकेट के नियमों का हिंदी विश्वकोश लेख पढ़ा जा सकता है, लेकिन किसी विशेष मैच में आधिकारिक खेल-शर्तें ही सर्वोपरि रहेंगी।

बाउंड्री और ओवरथ्रो

बाउंड्री पर क्षेत्ररक्षक का नियंत्रण जटिल मामला है। यदि क्षेत्ररक्षक गेंद रोकते समय सीमा के बाहर चला जाए, तो चार या छह रन का निर्णय गेंद की स्थिति और नियंत्रण पर निर्भर कर सकता है। ओवरथ्रो पर दौड़े गए रन मान्य हो सकते हैं, लेकिन गेंद सीमा तक पहुंचने पर नियमों के अनुसार अतिरिक्त बाउंड्री रन भी जुड़ सकते हैं।

इसी तरह छत के जाल से टकराने वाली गेंद को हर मैदान में छह रन मान लेना गलत है। कुछ स्थानीय टूर्नामेंट सीधे जाल पर जाने वाली गेंद को छह, टप्पा खाकर जाने वाली गेंद को चार और पीछे के जाल से टकराने पर एक रन घोषित करते हैं। ये मानक क्रिकेट के सार्वभौमिक नियम नहीं हैं; आयोजक की लिखित शर्तें हैं। यही जानकारी छोटे प्रारूपों में सबसे उपयोगी है और सामान्य नियम-सूचियों में अक्सर छूट जाती है।

छोटे टूर्नामेंट के विशेष नियम

स्थानीय आठ ओवर के मैच में आयोजक निम्न नियम जोड़ सकते हैं:

  • हर टीम में 9 खिलाड़ी, जिनमें 8 सक्रिय और 1 अतिरिक्त खिलाड़ी।
  • रिपोर्टिंग समय के बाद 10 मिनट का प्रतीक्षा समय।
  • डीआरएस उपलब्ध नहीं; मैदानी अंपायर का फैसला अंतिम।
  • चोटिल बल्लेबाज के लिए रनर, यदि प्रतियोगिता की शर्तें अनुमति दें।
  • नो-बॉल के बाद फ्री-हिट।
  • “मैजिक ओवर” जिसमें चुने गए ओवर के रन दोहरे गिने जाएं।
  • पहली या अंतिम गेंद पर बने रन को दोगुना करने जैसी मनोरंजन-आधारित शर्तें।

यहां मेरी साफ राय है: पहली और अंतिम गेंद के रन दोगुने करने वाला नियम आधिकारिक क्रिकेट नहीं, बल्कि आयोजन का मनोरंजन प्रारूप है। उसे आईपीएल, रणजी ट्रॉफी या आईसीसी प्रतियोगिता का नियम समझना बुनियादी गलती है। नियम-पत्र में जो लिखा हो, उसी के आधार पर स्कोर और परिणाम तय करें।

क्या आप स्थानीय मैच की नियम-पत्रिका पढ़कर ही खेल देखेंगे? ऐसा करना समय बचाता है और विवाद घटाता है।

विस्तृत नियम पढ़ें

नियमों को समझने का सबसे भरोसेमंद तरीका क्या है?

सबसे भरोसेमंद तरीका है कि पहले प्रारूप पहचानें, फिर आधिकारिक खेल-शर्तें पढ़ें और अंत में स्कोरबोर्ड से हर घटना मिलाएं। मानक नियम आईसीसी और मैरीलेबोन क्रिकेट क्लब से समझे जा सकते हैं, जबकि आईपीएल जैसे टूर्नामेंट अपनी प्रतियोगिता-विशेष शर्तें प्रकाशित करते हैं। टीवी कमेंट्री उपयोगी है, लेकिन वह नियम-पुस्तिका का विकल्प नहीं है।

मैच देखते समय इन पांच संकेतों को नोट करें:

  1. पारी में कितने ओवर बचे हैं।
  2. बल्लेबाजी टीम का लक्ष्य और आवश्यक रन।
  3. विकेटों की संख्या और क्रीज पर मौजूद बल्लेबाज।
  4. वाइड, नो-बॉल, बाई और लेग-बाई का कुल योगदान।
  5. डीआरएस, सुपर ओवर या बारिश से जुड़े स्थानीय प्रावधान।

आधिकारिक नियमों का अध्ययन करने पर एक और बात साफ होती है: अंपायर का निर्णय केवल अनुमान नहीं होता। अपील, संकेत, गेंद की वैधता और समीक्षा-प्रक्रिया एक क्रम में काम करते हैं। मैदानी अंपायर वाइड के लिए हाथ फैलाता है, नो-बॉल के लिए हाथ उठाता है और आउट के लिए उंगली उठाता है; स्कोरर इन संकेतों को आधिकारिक रिकॉर्ड में बदलता है। इसी वजह से लाइव स्कोर, टेलीविजन ग्राफिक्स और अंतिम स्कोरकार्ड में कभी-कभी कुछ सेकंड का अंतर दिखाई देता है।

निष्कर्ष: क्रिकेट के नियम कठिन हैं या आसान?

क्रिकेट के मूल नियम आसान हैं: दो टीमें, रन बनाने वाली बल्लेबाजी, विकेट लेने वाली गेंदबाजी, छह वैध गेंदों का ओवर और निर्धारित लक्ष्य। कठिनाई तब आती है जब वाइड, नो-बॉल, एलबीडब्ल्यू, ओवरथ्रो, डीआरएस, बारिश और स्थानीय नियम एक साथ जुड़ते हैं। इसलिए हर मैच को उसके प्रारूप और आधिकारिक खेल-शर्तों के संदर्भ में देखिए। 2026 में भी सबसे सही तरीका वही है: स्कोरबोर्ड पढ़िए, अतिरिक्त रन जांचिए और अंपायर के संकेत को पूरा समझिए। IPL समाचार पर मैच समीक्षा, खिलाड़ी आंकड़े और बल्लेबाजी रणनीति पढ़ते समय इन आधारों का उपयोग करेंगे तो आप केवल दर्शक नहीं रहेंगे; आप मैच का वास्तविक हिसाब भी पकड़ पाएंगे। बल्लेबाजी और गेंदबाजी रणनीति

नियमों को मैच उदाहरणों के साथ दोहराना सबसे तेज सीखने का तरीका है।

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्रश्न: क्रिकेट में एक ओवर में कितनी गेंदें होती हैं?

उत्तर: एक सामान्य ओवर में छह वैध गेंदें होती हैं। वाइड और नो-बॉल वैध गेंद नहीं मानी जातीं, इसलिए उनके बाद अतिरिक्त गेंद डाली जाती है। इसी कारण किसी ओवर में छह से अधिक गेंदें दिखाई दे सकती हैं। स्कोरबोर्ड पर ओवर की गिनती केवल वैध गेंदों से आगे बढ़ती है।

प्रश्न: क्रिकेट मैच में कितने खिलाड़ी होते हैं?

उत्तर: मानक क्रिकेट टीम में 11 खिलाड़ी होते हैं। मैदान पर एक समय बल्लेबाजी करने वाली टीम के दो बल्लेबाज और क्षेत्ररक्षण करने वाली टीम के 11 खिलाड़ी होते हैं। स्थानीय टूर्नामेंट में 9 खिलाड़ियों की टीम या अतिरिक्त खिलाड़ी का प्रावधान हो सकता है। इसलिए आयोजन की नियम-पुस्तिका देखना जरूरी है।

प्रश्न: नो-बॉल और वाइड में क्या अंतर है?

उत्तर: नो-बॉल मुख्यतः गेंदबाज की अवैध डिलीवरी या क्रीज से जुड़ी गलती है, जबकि वाइड ऐसी गेंद है जो बल्लेबाज की सामान्य पहुंच से बाहर जाती है। दोनों पर कम-से-कम एक अतिरिक्त रन मिलता है और गेंद दोबारा डाली जाती है। सीमित ओवर क्रिकेट में नो-बॉल के बाद अगली गेंद फ्री-हिट हो सकती है, वाइड के बाद नहीं।

प्रश्न: एलबीडब्ल्यू आउट कैसे दिया जाता है?

उत्तर: एलबीडब्ल्यू तब दिया जा सकता है जब गेंद बल्लेबाज के शरीर से टकराकर विकेट पर लगती, और नियमों में दी गई पिचिंग, इम्पैक्ट तथा विकेट-लाइन की शर्तें पूरी होती हैं। गेंद पहले बल्ले से लगी हो तो एलबीडब्ल्यू नहीं दिया जाता। बल्लेबाज ने शॉट खेलने का प्रयास किया या नहीं, यह भी कुछ स्थितियों में निर्णायक होता है।

प्रश्न: डीआरएस उपलब्ध न हो तो विवादित फैसला कौन करता है?

उत्तर: डीआरएस न होने पर मैदानी अंपायर का निर्णय अंतिम होता है। छोटे स्थानीय मैचों में तीसरा अंपायर, हॉक-आई या अल्ट्राएज उपलब्ध नहीं होते, इसलिए कप्तान समीक्षा नहीं मांग सकता। ऐसे मैचों में टॉस से पहले यह स्पष्ट कर लेना चाहिए कि अपील, रन-आउट और बाउंड्री विवाद का समाधान कैसे होगा।

प्रश्न: टी20 और टेस्ट क्रिकेट के नियमों में क्या अंतर है?

उत्तर: टी20 में प्रत्येक टीम को अधिकतम 20 ओवर और सामान्यतः एक पारी मिलती है, जबकि टेस्ट मैच पांच दिन तक चल सकता है और दोनों टीमों को दो पारियां मिल सकती हैं। टी20 में रन गति, पावरप्ले और गेंदबाजों के ओवर महत्वपूर्ण होते हैं। टेस्ट में फॉलो-ऑन, नई गेंद और पारी की बढ़त जैसी अतिरिक्त रणनीतियां जुड़ती हैं।

प्रश्न: क्रिकेट के नियम सीखने का सबसे अच्छा तरीका क्या है?

उत्तर: पहले छह वैध गेंदों का ओवर, रन, विकेट, वाइड, नो-बॉल और लक्ष्य समझें, फिर एलबीडब्ल्यू और डीआरएस जैसे जटिल नियम पढ़ें। किसी टी20 मैच का स्कोरकार्ड देखकर हर ओवर में बल्लेबाजों के रन और अतिरिक्त रन अलग-अलग मिलाइए। इसके बाद आईसीसी और मैरीलेबोन क्रिकेट क्लब के आधिकारिक नियमों से अपने निष्कर्ष की जांच करें। क्रिकेट नियमों से जुड़े सामान्य सवाल

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पढ़ने के लिए धन्यवाद।

उन लोगों के लिए जो केवल रोमांच के लिए नहीं खेलते।

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IPL समाचार · The High-Stakes Editorial · No. 01

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